इस सभा का गठन 6 मार्च 2017 में समाज एवं मेहनतकश लोगों की सहमति से किया गया। संगठन का उद्देश्य प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक, सामाजिक और सेवा-आधारित गतिविधियों के माध्यम से समुदाय को सुदृढ़ बनाना है। संस्थापक सदस्यों और सक्रिय कार्यकर्ताओं की मेहनत व समर्पण ने मंच को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
प्रारम्भिक वर्षों में संस्था ने माता भगवती के जागरण, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और चिकित्सा शिविर जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन अभियानों ने न केवल लोगों की सेवा की बल्कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति और परम्पराओं को भी बढ़ावा दिया। COVID-19 महामारी के दौरान मंच ने राहत सामग्री और राशन वितरण के माध्यम से समाज की मदद की।
फरवरी 2023 में नई कार्यकारिणी निर्वाचित की गई, जिसने आते ही कई गतिविधियाँ और कार्यक्रम चलाए तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का कार्य किया। मंच का विश्वास है कि संस्कृति, शिक्षा और सेवा के माध्यम से ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।



28 जुलाई 2025 को हमारे प्रदेश में एक व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों, छात्रों और सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
इस अभियान के अंतर्गत सैकड़ों पौधे लगाए गए, जिससे पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने और हरियाली को बढ़ावा देने में मदद मिली। यह प्रयास न केवल प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बना।
यह आयोजन सामूहिक प्रयास, ज़िम्मेदारी और प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। हम सभी को इस सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
जागरण 2024 एक भव्य और आध्यात्मिक आयोजन रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में माता रानी की आराधना की। इस कार्यक्रम में भजन संध्या, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रद्धालुओं ने पूरी रात जागकर भक्ति में लीन होकर मां के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। आयोजन स्थल को दीपों और फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण दिव्य आभा से भर गया।
इस जागरण ने भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया, जिससे समाज में धार्मिक एकता और सद्भाव का संदेश प्रसारित हुआ।





